ये कैसा स्मार्ट सिटी शहर, जहां मच्छरो का भंयकर प्रकोप
मेंटेनेंस के नाम पर रोजाना घण्टो लाईन रह रही है बन्द, पलड़ा झाड़ा
इंदौर (चाँद पर उड़ान) । स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले शहर ओर स्चच्छता अभियान में लगातार पहला नम्बर आने वाले इंदौर में पोलोग्राउंड पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की रोजाना मेंटेनेंस के नाम पर घण्टो की जा रही विद्युत कटौती से जूना रिसाला गली नम्बर 1,2,3, सिकन्दराबाद कालोनी सहित आसपास के रहवासी काफी परेशान है और लगातार डेली लाइन बन्द रहने की कम्प्लेन कर-करके रहवासी भी अब तो खुद थक गए है लेकिन इन्हें कोई फर्क नही पड़ा। पोलोग्राउंड पर पदस्थ रघुवंशी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारियों की मनमानी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है जबकि इन्हें कोई लेना देना नही आमजन लाइन बन्द रहने की वजह से परेशान होता रहे। यह तो यह कहकर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री कर लेते है की अभी मेंटेनेंस है और काम चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि जूना रिसाला क्षेत्र के रहवासी एमपीईबी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी से खा से परेशान है। रोजाना लगातार 2 घंटे ढाई घंटे और कभी-कभी 3 घंटे तक भी मेंटेनेंस के नाम पर विद्युत कटौती की जा रही है और जब लाइन बंद होने की शिकायत पोलो ग्राउंड पर पदस्थ एमपीईबी के जिम्मेदार अधिकारियों से की जाती है तो उनका कहना होता है कि अभी काम चल रहा है 2 घंटे लगेंगे या फिर मेंटेनेंस के नाम पर कटौती की गई है कहकर अपना पलड़ा झाड़ लेते हैं। वहीं रोजाना जूना रिसाला क्षेत्र में सुबह ही सुबह लाइन बंद होने की वजह से जहां लोगों की नींद में खलल पैदा होता है, वही अभी तो पोलोग्राउंड पर पदस्थ अधिकारियों ने नियम बना लिया है ओर रोजाना सुबह कभी 6:00 से 8:30 तो कभी 7:00 से 9:00 दिल्ली विद्युत कटौती की जा रही है। आज ही सुबह 6:00 बजे से लाइन बंद है और जब इस मामले में पोलो ग्राउंड पर पदस्थ अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना था कि स्मृति टॉकीज के पास ट्रांसफार्मर बदला जा रहा है 8:30 बजे तक लाइन चालू होगी। ईधर जूना रिसाला क्षेत्र में लाइन बन्द होने की वजह से मच्छरों ने भी जीना मुहाल कर दिया है जिससे लोग बीमारी से भी ग्रस्त हो रहे है। जूना रिसाला क्षेत्र में इतने भयंकर मच्छर हो रहे हैं कि उनके काटने पर लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं और अस्पतालों में भीड़ देखी जा रही है। कुल मिलाकर रोजाना हो रही विद्युत कटौती से आमजन का जीना मुहाल हो गया है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो आमजन का गुस्सा किसी दिन भी फूटने की संभावना है।